Menu

गुस्सैल गस: नॉरवे की एक लोककथा – The Man that Thought He Was Smarter Than His Wife Hindi

Author: Veena Seshadri, Illustrator: Greystroke

 

 

Text from गुस्सैल गस: नॉरवे की एक लोककथा 

 

एक था कसान, जो अपनेआप को अपनी बीवी सेअलमद समझता था! वह हमेशा उदास और ग”ुसा रहता था। जब देखो मुँह फुलाए रहता था। तभी तो उसका नाम पड़ गया “ग”ुसैल गस।” लेकन उसक- बीवी उससेबलकुल अलग थी- सदा मेहनती और खुश। फर भी ग”ुसैल गस उसक- बुराई करता रहता था। उसमक1मयाँ ढूँढ़ता रहता था। उसका सोचना था क उसक- बीवी बुहैऔर छोटेसेछोटा काम भी ठ;क सेनह कर पाती।

एक शाम ग”ुसैल गस बड़ेग”ुसेमखेत सेघर लौटा। उसनेदरवाज़ा खटखटाया, लेकन उसक- बीवी काम म”त थी, इसलए उसेदरवाज़ा खोलनेमएक-दो मनट लग गए।

इस पर तो ग”ुसैल गस इतना बगड़ा मानो वो कोई घड़याल हो जसके दाँत मदद है! वह बीवी पर चFलाया, बचेको डाँटनेलगा और बेचारेकुIेक- पूँछ को भी पैर सेदबा Jदया। जतना ऊँचा वह चFलाता, उसके टेढ़े-मेढ़ेदाँत उतनी तेज़ी से कटकटात।े

जब उसक- साँस फूलनेलगी तो बीवी नेकहा, “हो! हो! तुम राई का पहाड़ य बना रहेहो? ऐसा करतेह, कल मजाती खेत मकाम करने, और तुम यहाँमेरेकाम सँभालना। फर देखतु हकैसा लगता ह!ै”

“बलकुल ठ;क, ” गस नेकहा। वह खुद को बत अलमद समझता था, और बीवी को अछा-ख़ासा सबक़ सखाना चाहता था। “मतु हदखाऊँगा काम कैसेहोना चाहए।”

<end of sample>

Read the full book by selecting one of the buttons below the post.

गुस्सैल गस: नॉरवे की एक लोककथा English Version below:

A Folktale from Norway

Read the English version here.

 

See more stories in Hindi below

 

 
Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

....