Menu

नदियाँ चले, चले समय की धारा – Hindi Story The Time-Travelling River

Written by Parinita Shetty, Illustrated by Sunaina Coelho

 

 

Sample from नदियाँ चले, चले समय की धारा – Hindi Story 

नदयाँटाइम-मशीन जैसी होती ह।
अगर कोई कसी नद मकूद जाए और तैरता !आ अतीत मपीछे
खूब (र चला जाए तो उसेबीता इतहास जीवंत दखेगा।

कोई दो नदयाँएक-सरीखी नह. होत.। समय और जगह के हसाब सेउनक
भाव-भंगमा बदलती रहती ह।

नद गे!ँई, साँवली, काली, नीली, हरी या कई अ:य रंग4 क/ हो सकती है। वे
अपनेआस-पास के प;रवेष और उनकेभीतर धुली और छुपी चीज़4 के
हसाब सेरंग बदलती ह।

<end of sample>

See more Hindi Stories below

 

 
Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

....